बर्मिंघम स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास में हिंदी दिवस के अवसर पर भाषा, साहित्य, संस्कृति और साझा विरासत से सजी एक विशेष संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भारतीय समुदाय ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय महावाणिज्य दूत के स्वागत संबोधन से हुआ, जिसके पश्चात माननीय गृह मंत्री जी का हिंदी दिवस संदेश पढ़ा गया और सभी ने मिलकर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
कार्यक्रम में “मिडलैंड्स और आज के विश्व में संस्कृत की प्रासंगिकता एवं महत्त्व” विषय पर विशेष व्याख्यान हुआ। इसके बाद “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों का योगदान” विषय पर सार्थक परिचर्चा में भारत की स्वतंत्रता यात्रा में प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार साझा किए गए।
समारोह में महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित हिंदी निबंध, कविता एवं गीत गायन प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों और विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। राखी बंसल (निबंध), माधवी गुडिपति (कविता), आचार्य उमेश यादव एवं ध्रुव नागोरी (गीत गायन) को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
हिंदी, साहित्य, संस्कृत, संगीत, इतिहास और भारतीय समुदाय की जीवंत सहभागिता से सजी यह संध्या भारत की समृद्ध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रही।